शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ जगद्धात्रे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपालनकर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सम्पूर्ण जगत को धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीविकोपार्जन हेतु
विस्तृत लाभ
जीविकोपार्जन हेतु
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ज्ञानं देहि स्मृतिं देहि विद्यां देहि देवते। प्रतिष्ठां कवितां देहि शक्तिं शिष्यप्रबोधिकाम्॥
ॐ परतत्त्वाय नमः
ॐ नमो बटुक भैरवाय कामदेवाय यस्य यस्य दृश्यो भवामि यश्च यश्च मम सुखं तं तं मोहयतु स्वाहा।
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ॐ गणाध्यक्षाय नमः
क्ष्म्रीं (Kṣmrīm)