शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ जनेश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपजनता के स्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो संपूर्ण मानव जाति और प्रजा के सच्चे ईश्वर हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नेतृत्व
विस्तृत लाभ
नेतृत्व
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सिंधु-तरन, सिय-सोच-हरन, रबि-बाल-बरन तनु। भुज बिसाल, मूरति कराल कालहुको काल जनु॥
ॐ आदित्याय नमः
ॐ लीलाविध्वस्तशकटाय नमः
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
वेताल शक्ति शर कार्मुक चक्र खट्वाङ्ग मुद्गर गदाम् अङ्कुश नागपाशान् । शूलं च कुन्तं परशुं ध्वजमुद्वहन्तं वीरं गणेशमरुणं सततं स्मरामि ॥
ॐ क्लीं कृष्णाय राधिकायै श्रेयं नमः