शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ जयायै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपाञ्चरात्र अनुचर मंत्र (जया)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके एक मंद कटाक्ष (कृपा-दृष्टि) से ब्रह्मा, इन्द्र और शिव वैभव प्राप्त करते हैं, उन त्रैलोक्य को अपना कुटुंब मानने वाली, कमल पर विराजने वाली मुकुंद-प्रिया की मैं वंदना करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी भौतिक और आध्यात्मिक युद्धों में शाश्वत विजय
विस्तृत लाभ
सभी भौतिक और आध्यात्मिक युद्धों में शाश्वत विजय।
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ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये प्रणवार्धमात्रा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
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ॐ राधिकायै नमः