भैरव मंत्र
ॐ कमलामोदमोदिन्यै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कमल की मनमोहक सुगंध से इंटॉक्सिकेटेड (आनंदित) होने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में दिव्य सुगंध और सात्विक आनंद का संचार
विस्तृत लाभ
जीवन में दिव्य सुगंध और सात्विक आनंद का संचार।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भक्तनिधये नमः
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र। दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्॥
ॐ तीर्थपादाय नमः
ॐ दयात्मने नमः
ॐ महादेवादिकंपूजिताय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।