शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ कमनीयगुणाराध्यायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अपने कोमल और दयालु गुणों के कारण पूजनीय देवी।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
हृदय में कोमलता, दया और मानवीय गुणों का विकास
विस्तृत लाभ
हृदय में कोमलता, दया और मानवीय गुणों का विकास।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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ॐ जगद्गुरवे नमः
ॐ नमो भगवते महोग्र दिग्बन्धन नरसिंहाय ज्वालामुखाय अग्निनेत्राय... हन हन दह दह पच पच बन्ध बन्ध कील कील स्वाहा
ॐ शान्ताय नमः
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साजि सँवारि कै। मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुँअरि लईं हँकारि कै॥
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूत्र्या। तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः॥ 18