शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ कवये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वद्रष्टा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो भविष्यद्रष्टा और शास्त्रों के गूढ़ रहस्यों को जानने वाले हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दूरदृष्टि
विस्तृत लाभ
दूरदृष्टि
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करार्णवायै नमः
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः
ॐ उन्मत्ताय नमः
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।
यामिषुं गिरिशन्त हस्ते बिभर्ष्यस्तवे। शिवां गिरित्र तां कुरु मा हिंसीः पुरुषं जगत्॥