शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्म-मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र-औषधास्त्र-शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारमहा-सुदर्शन मूल मंत्र
स्वरूपसुदर्शन चक्र / कृष्ण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे परमपुरुष कृष्ण, हे महासुदर्शन! दूसरों द्वारा मुझ पर किए गए सभी प्रहारों, तंत्रों और अस्त्रों का संहार करें और मुझे मृत्यु के भय से मुक्त करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सभी प्रकार के नकारात्मक तंत्र-मंत्र, यंत्र, शत्रु-बाधा और अकाल मृत्यु के भय का पूर्ण नाश
विस्तृत लाभ
सभी प्रकार के नकारात्मक तंत्र-मंत्र, यंत्र, शत्रु-बाधा और अकाल मृत्यु के भय का पूर्ण नाश 43।
जप काल
ग्रहण काल, या घोर विपत्ति में सुदर्शन होम के समय 45।
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