ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

चण्ड भैरव मंत्र (दक्षिण दिशा)

क्रीं क्रीं ह्रीं चण्ड भैरवाय नमः।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
स्वरूपचण्ड भैरव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

चण्ड भैरव को नमन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर अप्रतिम विजय

विस्तृत लाभ

प्रतिस्पर्धियों और शत्रुओं पर अप्रतिम विजय 25।

जप काल

मयूर वाहन का ध्यान करते हुए दक्षिण दिशा में 26।

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