शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ कुमारीरूपधारिण्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं कुमारी कन्या का रूप धारण करती हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बाल-सुलभ निर्मलता और पवित्रता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
बाल-सुलभ निर्मलता और पवित्रता की प्राप्ति।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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ॐ परब्रह्मणे नमः
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।
ॐ अङ्गरागविधायिन्यै नमः
ॐ वामनाय नमः
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥