शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ महाबलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवीर नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो असीमित महान बल से युक्त हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घोर निराशा के क्षणों में असीम मानसिक व शारीरिक बल की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
घोर निराशा के क्षणों में असीम मानसिक व शारीरिक बल की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ अनेकपार्श्वाय नमः।
ॐ पिङ्गरोम्णे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विज्ञानात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
श्रीमत्तीक्ष्ण शिखाङ्कुशाक्षवरदान् दक्षे दधानः करैः पञ्चामृतपूर्णकुम्भमभयं वामे दधानो मुदा । पीठ स्वर्णमयारविन्दविलसत् सत्कर्णिका भासुरे आसीनस्त्रिमुखः पलाशरुचिरो नागाननः पातु नः ॥
ॐ आहूताय नमः