शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ महाविष्णुर्-दक्षिणे तु महाज्वालस्तु नैरृतौ
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदक्षिण व नैऋत्य दिशा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
महाविष्णु दक्षिण दिशा से और महाज्वाल रूप नैऋत्य कोण से मेरी रक्षा करें। (यम-भय निवारण) 38।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शान्ताय नमः
ॐ विष्णवे नमः।
ॐ शर्वाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं गज लक्ष्म्यै नमः।
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ पीतवाससे नमः