शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
असितांग भैरव मंत्र (पूर्व दिशा)
ॐ नमो असितांग भैरवाय स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारअष्टभैरव मंत्र
स्वरूपअसितांग भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
असितांग भैरव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
रचनात्मक क्षमता में वृद्धि और पापों से मुक्ति
विस्तृत लाभ
रचनात्मक क्षमता में वृद्धि और पापों से मुक्ति 25।
जप काल
हंसवाहन का ध्यान करते हुए पूर्व दिशा की ओर मुख करके 26।
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