शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
दक्षिण मुख (नरसिंह) रक्षण मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय दक्षिण मुखे। कराल वदनाय नरसिंहाय सकल भूत प्रेत प्रमथनाय स्वाहा॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारपंचमुखी साधना मंत्र (दक्षिण मुख)
स्वरूपपंचमुखी हनुमान (नरसिंह मुख)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दक्षिण दिशा वाले भयानक नरसिंह मुख को मेरा नमस्कार है, जो सभी प्रकार के भूत-प्रेतों और पिशाचों का दमन करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
हर प्रकार के भय, पाप, और कुदृष्टि (Evil Eyes) तथा बुरी आत्माओं से पूर्ण रक्षा
विस्तृत लाभ
हर प्रकार के भय, पाप, और कुदृष्टि (Evil Eyes) तथा बुरी आत्माओं से पूर्ण रक्षा 10।
जप काल
दक्षिण दिशा की ओर मुख करके।
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