शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ नवदुर्गायै नमः ॐ महाकाल्यै नमः ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारत्रिदेवात्मिका लक्ष्मी मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नवदुर्गा, महाकाली और ब्रह्मा-विष्णु-शिव की आत्मा स्वरूपिणी देवी को नमन 41।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
देवी के वैष्णवी, शाक्त और शैव स्वरूपों का समन्वित आशीर्वाद
विस्तृत लाभ
देवी के वैष्णवी, शाक्त और शैव स्वरूपों का समन्वित आशीर्वाद।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ऊर्ध्वे महाकाल भैरवाय नमः ऊर्ध्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ कृष्णपिङ्गाक्षाय हुं
ॐ ह्रीं ऐं महासरस्वति महासारस्वतप्रदे ऐं वद वद वाग्वादिनि स्वाहा
आस्तेऽद्यापि महेन्द्राद्रौ न्यस्तदण्डः प्रशान्तधीः। उपगीयमानचरितः सिद्धगन्धर्वचारणैः॥
ॐ सनातनाय नमः
ॐ महास्वनाय नमः