शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ पञ्चवक्त्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपपंचमुखी शिव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके सद्योजात आदि पाँच मुख हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पंचतत्वों पर विजय
विस्तृत लाभ
पंचतत्वों पर विजय
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीपार्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ मदनसुन्दर्यै नमः
ॐ नमो हनुमते महारुद्र अवताराय भूत प्रेत डाकिनी शाकिनी किल किल मारी मारी भैरव किल मसान किल मली किल चुड़ैल किल दैत्य किल ब्रह्म राक्षस किल... चल रे चल महा हनुमंते।