शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ परमेश्वर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो संपूर्ण भौतिक और आध्यात्मिक लोकों की सर्वोच्च शासिका हैं।
जप काल
तुलसी माला पर जप।
टिप्पणी
साधना की दृष्टि से इन नामों को ॐ और 'नमः' या 'स्वाहा' के सम्पुट के साथ जपा जाता है।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
रत्नपादुकाप्रभाभिरामपादयुग्मकं नित्यमद्वितीयमिष्टदैवतं निरञ्जनम्।
ॐ कात्यायन्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये हिरण्यगर्भः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
षडाननं चन्दनलेपिताङ्गं महोरसं दिव्यमयूरवाहनम् । रुद्रस्य सूनुं सुरलोकनाथं ब्रह्मण्यदेवं शरणं प्रपद्ये ॥
ॐ महेशकृतसंस्तवाय नमः
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।