शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ पिशिताशप्रभञ्जनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
राक्षसों (मांस-भक्षियों) का विनाश करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र-बाधा का शमन
विस्तृत लाभ
नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र-बाधा का शमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शुभाङ्गाय नमः
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
ॐ अतीन्द्राय नमः
तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पूरुषानहम्॥
ॐ करवालप्रियाकन्थायै नमः
ॐ शंकराय नमः