शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ रोगनाशनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपरोग-हर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सभी रोगों का नाश करने वाले धन्वंतरि रूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
औषधियों की प्रभावशीलता में वृद्धि
विस्तृत लाभ
औषधियों की प्रभावशीलता में वृद्धि।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
आदित्यवर्णे तपसोऽधिजातो वनस्पतिस्तव वृक्षोऽथ बिल्वः। तस्य फलानि तपसानुदन्तु मायान्तरायाश्च बाह्या अलक्ष्मीः॥
कृपां कुरु जगन्मातर्मामेवं हततेजसम्। गुरुशापात्स्मृतिभ्रष्टं विद्याहीनं च दुःखितम्॥
न श्रुतं कवचं देव न चोक्तं भवता मम। इति पृष्टः स गिरिशो मन्त्रयन्त्राङ्गतत्त्ववित्॥
ॐ लम्बकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ अच्युताय नमः
ॐ कदलीपुष्पसम्प्रीतायै नमः