शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ सामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपसंगीत-प्रेमी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें सामवेद के गान अत्यंत प्रिय हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला और संगीत में निपुणता
विस्तृत लाभ
कला और संगीत में निपुणता
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पार्वतीप्रियनन्दनाय नमः
ॐ महात्मने नमः
ॐ श्रीं ह्रीं ब्राह्म्यै स्वाहेति दन्तपङ्क्तीः सदाऽवतु। (स्वरूप: ब्राह्मी | लाभ: दाँतों और स्पष्ट वाचन-स्थान की रक्षा | अर्थ: ब्राह्मी देवी मेरी दंत-पंक्तियों की सदा रक्षा करें) 8
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ ब्रह्मविद्यायै नमः
ॐ वराहाय नमः