शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ सर्वमयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वमय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनमें यह संपूर्ण चराचर ब्रह्मांड पूरी तरह समाया हुआ है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अद्वैत भाव
विस्तृत लाभ
अद्वैत भाव
जप काल
ध्यान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कदलीरूपायै नमः
ॐ सुभद्रापूर्वजाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सप्तव्याहृतिः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ मदनसुन्दर्यै नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ रामभक्ताय नमः