शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
सर्वस्वरूप रक्षा महामंत्र
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसंरक्षण (कवच) मंत्र
स्वरूपजगदम्बा / सर्वेश्वरी दुर्गा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे सर्वस्वरूपा, सर्वेश्वरी और सभी शक्तियों से सम्पन्न देवी! आप सब प्रकार के भयों से हमारी रक्षा करें, आपको नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अज्ञात भयों से रक्षा, घोर संकटों से बचाव, आत्मविश्वास में वृद्धि और पूर्ण सुरक्षा
विस्तृत लाभ
अज्ञात भयों से रक्षा, घोर संकटों से बचाव, आत्मविश्वास में वृद्धि और पूर्ण सुरक्षा 32।
जप काल
विपत्ति के समय 108 बार त्वरित जप।
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