शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ शकटासुरभञ्जनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपशकटासुर-संहारक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शकटासुर नामक दैत्य का भंजन (वध) करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
दुर्घटना से बचाव
विस्तृत लाभ
दुर्घटना से बचाव
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
ॐ शिवाय नमः
भयार्तस्वजनत्राणतत्परं धर्मतत्परम्। गतगर्वप्रियं शूरं जमदग्निसुतुं मतम्॥
ॐ कलाकाष्ठातनवे नमः।
ॐ वैकुण्ठाय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीसरस्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः