शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ शमीगर्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपप्रदीप्त स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शमी वृक्ष की अग्नि के समान जाज्वल्यमान देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
संकट के समय अचानक शक्ति की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
संकट के समय अचानक शक्ति की प्राप्ति।
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ॐ क्रीं काली
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये जनकनन्दिनी तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ धीराय नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ महाज्वालाय नमः
ॐ कलाकाष्ठातनवे नमः।