भैरव मंत्र
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
श्री हरि को सर्वाधिक प्रिय देवी को नमन 50।
इस मंत्र से क्या होगा?
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15
* विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44
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विस्तृत लाभ
घर में स्वर्ण (धन) की वर्षा, दरिद्रता का तत्काल नाश 15। * विधि: शुक्रवार या अक्षय तृतीया को प्रातःकाल 108 बार जप 44। *
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
नमो गुहाय भूतानां गुहासु निहिताय च । अणोरणीयसे तुभ्यं महतोऽपि महीयसे ॥
ॐ साधकप्राणायै नमः
ॐ साक्षिणे नमः
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥
ॐ दिव्यमूर्तये नमः।