शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालय गोलोक सुंदराय...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारमहा-उपासना तांत्रिक मंत्र
स्वरूपगोलोकवासी कृष्ण / नारायण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री कृष्ण, गोविंद, गोकुल के रक्षक, गोलोक के सुंदर स्वामी और परमतत्व को मेरा नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में दैवीय प्रेम, प्रचुरता, और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ पूर्ण तालमेल
विस्तृत लाभ
जीवन में दैवीय प्रेम, प्रचुरता, और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ पूर्ण तालमेल 27।
जप काल
विशेष अनुष्ठान या संकल्पित साधना के दौरान।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोकुलेन्द्राय नमः
ॐ वृन्दावनविहारिण्यै नमः
जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।
ॐ दुर्गसाधिन्यै नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये परमानन्दाद्वैतात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ जगद्व्यापिने नमः