भैरव मंत्र
ॐ त्रिकालज्ञानसम्पन्नायै नमः ॐ भुवनेश्वर्यै नमः।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जिनके एक मंद कटाक्ष (कृपा-दृष्टि) से ब्रह्मा, इन्द्र और शिव वैभव प्राप्त करते हैं, उन त्रैलोक्य को अपना कुटुंब मानने वाली, कमल पर विराजने वाली मुकुंद-प्रिया की मैं वंदना करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की अतींद्रिय क्षमता (Intuition) का विकास
विस्तृत लाभ
भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने की अतींद्रिय क्षमता (Intuition) का विकास 41।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सुधाकलशहस्ताय नमः
ॐ विपुलांसाय नमः
ॐ नवनीतविलिप्ताङ्गाय नमः
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।
ॐ भीमाय नमः
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।