शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ वैकुण्ठाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वैकुण्ठ (जहाँ कोई कुंठा/कष्ट नहीं) के अधिपति
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मृत्यु के पश्चात परम धाम की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
मृत्यु के पश्चात परम धाम की प्राप्ति 21
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ब्रह्मसूत्रधराय नमः
अहमेव वात इव प्र वाम्यारभमाणा भुवनानि विश्वा। परो दिवा पर एना पृथिव्यैतावती महिना सम्बभूव॥
पाशाङ्कुश स्वदन्त आम्र फलवान् आखुवाहनः । विघ्नान् निहन्तु रक्तवर्णो विनायकः ॥
ॐ ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा शिरो मे पातु सर्वतः। (स्वरूप: ह्रीं-स्वरूपा सरस्वती | लाभ: मस्तिष्क और सहस्रार चक्र की सभी दिशाओं से रक्षा | अर्थ: ह्रीं बीज रूपी सरस्वती मेरे सिर की सब ओर से रक्षा करें) 8
ॐ लोकमात्रे नमः
ॐ कर्णौ गोपेन्द्रनन्दिनी पातु।