शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
वाक्च मे मनश्च मे चक्षुश्च मे श्रोत्रं च मे...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
मेरी वाणी, मन, आंखें और कान स्वस्थ रहें
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्मगन्धिन्यै नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ काशीश्वर्यै नमः
उत स्या नः सरस्वती घोरा हिरण्यवर्तनिः। वृत्रघ्नी वष्टि सुष्टुतिम्॥
ॐ सर्वाद्भुताय नमः
ॐ स्मितभाषिणे नमः