शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ वरलक्ष्म्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भक्तों को इच्छित वरदान देने वाली वरलक्ष्मी को नमन।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ जयन्तत्राणवरदाय नमः
ॐ दशबाहवे नमः
जो सर्वव्यापक भगवान विष्णु के ही साक्षात् अवतार हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: सर्व-कल्याण) 19।
ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8
ॐ स्थविरो-ध्रुवाय नमः
नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।