ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

भैरव मंत्र

ॐ वरपूर्णामृतोदधये नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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स्वरूपअमृत-सागर
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

पूर्ण अमृत के सागर और वरदान देने वाले भगवान सुब्रह्मण्य को नमस्कार है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन की परम पूर्णता और परमानंद की अंतिम सिद्धि

विस्तृत लाभ

जीवन की परम पूर्णता और परमानंद की अंतिम सिद्धि।

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