शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ वेदगर्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेद-ज्ञानी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वेदों को अपने भीतर (गर्भ में) धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्रुति और स्मृति शास्त्रों का स्वतः स्फुरण
विस्तृत लाभ
श्रुति और स्मृति शास्त्रों का स्वतः स्फुरण।
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ॐ काञ्चनाभायै नमः
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
बलं च मे ओजश्च मे सहश्च मे आयुश्च मे...
पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा ओम हनुमत वेदर वेग वेग आओ अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ भेड़ी तोड़ो ताला तोड़ो बंधन धन तोड़ो मोडा अमुक बंधी को बंधन से छुड़ाओ मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। पूरो मंत्र ईश्वरों वाचा।
ॐ विदुराक्रूरवरदाय नमः
ॐ दीर्घमायास्वरूपाय नमः।