शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ विभावर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अज्ञान का अंधकार मिटाने वाली (विभावरी) को नमन 18।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भकाररूपाय नमः
ॐ कस्तूरीपूजनरतायै नमः
ॐ अपरिच्छेद्याय नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं आपदुद्धारणाय ह्रां ह्रीं ह्रूं अजामिलबद्धाय लोकेश्वराय स्वर्णाकर्षणभैरवाय मम दारिद्र्य विद्वेषणाय महाभैरवाय नमः श्रीं ह्रीं ऐं।
ॐ वैशाखशुक्लभूतोत्थाय नमः
मयि मेधां मयि प्रजां मय्यग्निस्तेजो दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयीन्द्र इन्द्रियं दधातु। मयि मेधां मयि प्रजां मयि सूर्यो भ्राजो दधातु॥