शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि
वं ह्रूं ह्रूं कामये देवि बलिहोमप्रिये नमः। उग्रतारे नमो नित्यं त्राहि मां शरणागतम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारउग्रतारा मन्त्र
स्वरूपउग्रतारा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वं ह्रूं ह्रूं बीजों से युक्त, बलि और होम से प्रसन्न होने वाली उग्रतारा को नित्य नमस्कार है, मुझ शरणागत की रक्षा करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तंत्रोक्त अभीष्ट कामनाओं की तीव्र सिद्धि
विस्तृत लाभ
तंत्रोक्त अभीष्ट कामनाओं की तीव्र सिद्धि।
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ॐ स्वधायै नमः
वीणां कल्पलतां अरिं च वरदं दक्षे विदत्ते करैः वामे तामरसं च रत्नकलशं सन्मञ्जरीं चाभयम् । शुण्डादण्ड लसन्मृगेन्द्रवदनः शङ्खेन्दुगौरः शुभो दीव्यद्रत्ननिभांशुकः गणपतिः पायादपायात्स नः ॥
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥
ॐ चतुर्वर्णाय नमः
ॐ कञ्जलोचनाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं शङ्कर्षणाय ॐ