शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भैरव मंत्र
ॐ यज्ञपालाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपयज्ञों के रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ऋषि-मुनियों के यज्ञों की राक्षसों से रक्षा करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बाधा निवारण
विस्तृत लाभ
बाधा निवारण
जप काल
यज्ञ आरंभ में
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सदाम्बिकायै स्वाहा वायव्ये मां सदाऽवतु। (अर्थ: सदाम्बिका देवी वायव्य कोण में रक्षा करें) 8
ॐ महाकालाय नमः
यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम्। सूक्तं पञ्चदशर्चं च श्रीकामः सततं जपेत्॥
अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो घोरघोरतरीभ्यश्च। सर्वतः शर्व सर्वेभ्यो नमस्ते रुद्ररूपेभ्यः॥
ॐ भूतकृते नमः
ॐ प्रसन्नपद्मवदनायै नमः