शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अघमर्दिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपपापहारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो जन्म-जन्मांतर के घोर अघों (पापों) का मर्दन (नाश) कर देते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जानबूझकर या अनजाने में किए गए जघन्य पापों के अपराध-बोध से मुक्ति
विस्तृत लाभ
जानबूझकर या अनजाने में किए गए जघन्य पापों के अपराध-बोध से मुक्ति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कपालार्घ्यप्रियप्राणायै नमः
ॐ सुरानन्दाय नमः
तमीश्वराणां परमं महेश्वरं तं देवतानां परमं च दैवतम्
ॐ धनागारं धनेश्वरी पातु।
य इदं कवचं श्रीदं पठेद्विष्णुप्रियात्मकम्। त्रैलोक्यं विजितं तेन येन वा धारितं भवेत्॥
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8