शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ अक्षराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरब्रह्म
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कभी क्षरण या नाश नहीं होता, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता
विस्तृत लाभ
जीवन में चिरस्थायी सफलता, अमरत्व भाव और विचारों में स्थिरता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ लक्ष्म्यै नमः
ॐ महादेवाय नमः।
ॐ वत्सलाय नमः
ॐ यश्छन्दसामृषभो विश्वरूपः। छन्दोभ्योऽध्यमृतात्सम्बभूव। स मेन्द्रो मेधया स्पृणोतु। अमृतस्य देव धारणो भूयासम्॥
ॐ श्रितवत्सलाय नमः