शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ क्षोभणाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शत्रुओं के मन में क्षोभ/कम्पन्न पैदा करने वाले को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाकायाय नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ ग्रन्थबीजरूपायै स्वाहा मां सर्वतोऽवतु। (अर्थ: ग्रंथों का बीज रूप देवी मेरी सभी दिशाओं से रक्षा करें) 8
ॐ सेनान्ये नमः
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतक्लेशनाशाय
ॐ क्लैब्यनाशिन्यै नमः