ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ दुर्गा मंत्र

ॐ महाद्रिधृके नमः

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

मंदार और गोवर्धन जैसे विशाल पर्वत उठाने वाले

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

घोर और असंभव संकटों से उद्धार

विस्तृत लाभ

घोर और असंभव संकटों से उद्धार 77

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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18

आस्तेऽद्यापि महेन्द्राद्रौ न्यस्तदण्डः प्रशान्तधीः। उपगीयमानचरितः सिद्धगन्धर्वचारणैः॥

ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः

कल्हारांबुज बीजपूरक गदा दन्तेक्षु बाणैः सदा बिभ्राणो मणिकुम्भ शालिकलशौ पाशं च चक्रान्वितम् । गौराङ्ग्या रुचिराविन्दकरया देव्या सदा संयुतः शोणाङ्कुश शुभमातनोतु भजतामुद्दण्डविघ्नेश्वरः ॥

ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।