शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ नारायणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपनारायण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जीव के अंतिम और शाश्वत आश्रय को नमन।
जप काल
प्राण त्यागते (Death) समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ चन्द्रलेखाविभूषितायै नमः
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
ॐ ईशान्यां पातु भद्रो मे सर्वमंगलदायकः
ॐ व्योमकेशाय नमः।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवि मङ्गलचण्डिके ऐं क्रूं फट् स्वाहा॥
दुष्टं क्षत्रं भुवो भारमब्रह्मण्यमनीनशत्। तस्य नामानि पुण्यानि वच्मि ते पुरुषर्षभ॥