ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ दुर्गा मंत्र

ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारशांति पाठ (वैदिक)
स्वरूपविद्या-प्रदाता नारायण
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

परमात्मा हम दोनों (गुरु-शिष्य) की रक्षा करें, हम साथ मिलकर ऊर्जावान कार्य करें और हमारे अध्ययन में तेजस्विता हो।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

विद्या की निर्विघ्न प्राप्ति और गुरु-शिष्य के मध्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार

विस्तृत लाभ

विद्या की निर्विघ्न प्राप्ति और गुरु-शिष्य के मध्य आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार 35।

जप काल

किसी भी शास्त्र या उपनिषद के अध्ययन से पूर्व।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र

मंत्र | Pauranik