शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ समाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसमदर्शी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी प्राणियों के प्रति समभाव (समान दृष्टि) रखते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समभाव
विस्तृत लाभ
समभाव
जप काल
ध्यान
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं क्लीं ह्रीं ऐं ईं नं लं सौं स र व ण भ व
मृणालवालवल्लरी तरङ्गरङ्गदोर्लते लताग्रलास्यलोलनीललोचनावलोकने। ललल्लुलन्मलन्मनोज्ञमुग्धमोहनाश्रिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कलहंसगतये नमः
ॐ ह्रीं राधिकायै नमः / ॐ राधायै स्वाहा।
रक्षत्वसौ माध्वनि यज्ञकल्पः स्वदंष्ट्रयोद्धृतधरो वराहः
ॐ महोत्कटायै नमः