ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

बाधा निवारण (शत्रुघ्न) मंत्र

सर्वाबाधाप्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि। एवमेव त्वया कार्यमस्मद्वैरिविनाशनम्॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारशत्रुनाश एवं सम्पुट मंत्र
स्वरूपचण्डिका
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हे तीनों लोकों की अखिलेश्वरी! आप हमारी सभी बाधाओं को शांत करें और इसी प्रकार हमारे वैरी (शत्रुओं) का विनाश करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

जीवन की सभी बाधाओं का नाश, ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का शमन और मुकदमों में विजय

विस्तृत लाभ

जीवन की सभी बाधाओं का नाश, ज्ञात-अज्ञात शत्रुओं का शमन और मुकदमों में विजय 17।

जप काल

मंगलवार या अष्टमी के दिन देवी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाकर जप।

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