शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपतीर्थमय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनमें संसार के सभी पवित्र तीर्थ एक साथ निवास करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीर्थ फल
विस्तृत लाभ
तीर्थ फल
जप काल
स्नान के समय
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
ॐ वामदेवाय नमः
ॐ तपोरूपाय विद्महे ब्रह्मचारिणे धीमहि तन्नो वामनः प्रचोदयात्।
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
ॐ इन्दिरायै नमः