शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपतीर्थमय
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनमें संसार के सभी पवित्र तीर्थ एक साथ निवास करते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीर्थ फल
विस्तृत लाभ
तीर्थ फल
जप काल
स्नान के समय
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नितम्बबिम्बरुलम्बमानपुष्पमेखले प्रशस्तरलकिङ्किणीकलापमध्यमञ्जुले। करीन्द्रशुण्डदण्डिकாவरोहसौभगोरुके कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ शङ्कुकर्णमहाकर्णप्रमुखाद्यभिवन्दिताय नमः
ॐ कमनीयायै नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
ॐ गोपीगृहाङ्गणरतये नमः
ॐ पञ्चवक्त्राय नमः