ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

लक्ष्मी विनायक मंत्र

ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारतांत्रिक धन-प्राप्ति मंत्र
स्वरूपलक्ष्मी विनायक
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हे सौम्य गणपति, सभी जनों को मेरे अनुकूल कर ऐश्वर्य दें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

लक्ष्मी (धन) की स्थिरता और अगाध सौभाग्य

विस्तृत लाभ

लक्ष्मी (धन) की स्थिरता और अगाध सौभाग्य।

जप काल

कमल गट्टे की माला से अनुष्ठान।

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