ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

संकटनाशन स्तोत्र फलश्रुति

विद्यार्थी लभते विद्यां, धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान्, मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारफलश्रुति मंत्र
स्वरूपसंकटनाशन गणपति
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

इसके पाठ से विद्यार्थी विद्या प्राप्त करता है, धनार्थी धन प्राप्त करता है, पुत्रार्थी पुत्र प्राप्त करता है और मोक्ष की इच्छा रखने वाला परम गति प्राप्त करता है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सकाम अनुष्ठान में सुनिश्चित कामनाओं की पूर्ति

विस्तृत लाभ

सकाम अनुष्ठान में सुनिश्चित कामनाओं की पूर्ति।

जप काल

संकटनाशन गणेश स्तोत्र के पाठ के अंत में।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र