शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
एकाक्षरी कमला मंत्र
ॐ श्रीं नमः। (अथवा 'श्रीं')
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
'श्' अर्थात् महालक्ष्मी, 'र्' अर्थात् धन, 'ई' अर्थात् महामाया और अनुस्वार (बिंदु) दुःखहरण का प्रतीक है 23।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
तीव्र धन आकर्षण
विस्तृत लाभ
तीव्र धन आकर्षण।
जप काल
स्फटिक/कमलगट्टे की माला से नित्य जप।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नैऋत्ये क्रोध भैरवाय नमः नैऋत्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ विभीषणपरित्रात्रे नमः
ॐ विमत्सराय नमः
ॐ ब्रह्मचारिणे नमः
शान्तिकर्मणि सर्वत्र तथा दुःस्वप्नदर्शने। ग्रहपीडासु चोग्रासु माहात्म्यं शृणुयान्मम॥ 17