शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ स्तम्भजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपस्तम्भ-नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो जड़ खंभे को चीरकर प्रकट हुए, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों का सिद्ध होना
02
भौतिक नियमों से परे ईश्वरीय सहायता
विस्तृत लाभ
असंभव प्रतीत होने वाले कार्यों का सिद्ध होना; भौतिक नियमों से परे ईश्वरीय सहायता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ करुणार्णवसम्पूर्णायै नमः
ॐ श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः
ॐ मेधा देवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्यमाना। त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान बृहद्वदेम विदथे सुवीराः॥
ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः
ऊर्ध्वे महाकाल भैरवाय नमः ऊर्ध्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ दैत्यान्तकाय नमः