शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ दुर्गा मंत्र
ॐ उन्मूलने कर्मठाय नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारराजसिक संपदा मंत्र
स्वरूपस्वर्णाकर्षण भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो जीवन की बाधाओं को उखाड़ फेंकने में कर्मठ हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
स्वर्ण-ऐश्वर्य की प्राप्ति
जप काल
शुक्रवार को यंत्र पर कुमकुम अर्पण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वैकुण्ठनगरवासिन्यै नमः
हौं (Haum)
ॐ रक्षोविध्वंसकारकाय नमः
ॐ वक्त्रं पात्विन्दुवदनं सदा प्रह्लादवन्दितः
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥