शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
आलिङ्ग्य देवीं हरितां निषण्णां परस्परश्लिष्ट कटौ निविश्य । सन्ध्यारुणं पाशसृणीं वहन्तं भयापहं शक्ति गणपतिमीडे ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शक्ति की प्राप्ति और हर प्रकार के भय से मुक्ति
विस्तृत लाभ
शक्ति की प्राप्ति और हर प्रकार के भय से मुक्ति।
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