शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
गणेश मंत्र
ॐ आनन्दाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपआनंद स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
परमानंद स्वरूप भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में नित्य और निरुपाधिक आनंद
विस्तृत लाभ
जीवन में नित्य और निरुपाधिक आनंद।
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ॐ ह्रीं बटुकाय मम तंत्र बाधा निवारणं कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥
अहं रुद्राय धनुरातनोमि ब्रह्मद्विषे शरवे हन्तवा उ। अहं जनाय समदं कृणोम्यहं द्यावापृथिवी आ विवेश॥